09/08/2026
#हल्ला_बोल
🏫 #नवाबगंज में उच्च शिक्षा की बदहाली पर उठे सवाल
नवाबगंज का दुर्भाग्य है कि यहां आज तक एक भी सरकारी डिग्री कॉलेज नहीं है।
वर्ष 1995 में समाज के सहयोग से स्थापित #आदर्श_महाविद्यालय, #हरदुआ_नवाबगंज आज भी समाज के सहयोग से ही संचालित हो रहा है। लेकिन शुरुआती कुछ वर्षों को छोड़ दें तो इस महाविद्यालय के विकास और मूलभूत सुविधाओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया।
आज स्थिति यह है कि कॉलेज में न तो पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं हैं और न ही बेहतर व्यवस्थाएं। प्रचार-प्रसार और विकास के अभाव में बड़ी संख्या में लोग इस महाविद्यालय के बारे में जानते तक नहीं हैं।
अगर इस महाविद्यालय को सरकारी सहायता प्राप्त (एडेड) दर्जा मिल जाता, तो नवाबगंज के हजारों छात्र-छात्राओं को अपने क्षेत्र में ही सस्ती, सुलभ और बेहतर उच्च शिक्षा मिल सकती थी। विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए दूर शहरों का रुख भी नहीं करना पड़ता।
सबसे बड़ा सवाल❓
आखिर आदर्श महाविद्यालय को आज तक #सरकारी_सहायता_प्राप्त (एडेड) दर्जा क्यों नहीं मिला❓
#महाविद्यालय_की_वर्तमान_दुर्दशा की जिम्मेदारी किसकी है?
👉काफी समय से वर्तमान विधायक डॉ. एम.पी. आर्य इस महाविद्यालय के अध्यक्ष हैं। जनता जानना चाहती है कि उन्होंने महाविद्यालय के विकास, मूलभूत सुविधाओं और इसे सरकारी सहायता प्राप्त दर्जा दिलाने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए❓
👉वहीं पूर्व मंत्री/विधायक एवं समाजवादी पार्टी से विधानसभा चुनाव के प्रबल दावेदार भी बताएं कि उन्होंने अपने कार्यकाल और राजनीतिक प्रभाव के दौरान आदर्श महाविद्यालय के लिए क्या प्रयास किए❓
🎓 िसी_व्यक्ति_या_दल_का_नहीं, #नवाबगंज_के_हजारों_छात्र_छात्राओं_के_भविष्य_का_सवाल_है।
#जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार लोगों को राजनीति से ऊपर उठकर इस मुद्दे पर जवाब देना चाहिए और बताना चाहिए कि आदर्श महाविद्यालय को बेहतर बनाने तथा सरकारी सहायता प्राप्त दर्जा दिलाने के लिए उनका रोडमैप क्या है?
#नवाबगंज_को_चाहिए_बेहतर_उच्च_शिक्षा — #युवाओं_के_भविष्य के लिए अब #जवाब_जरूरी है।
#नवाबगंज #आदर्श_महाविद्यालय #हरदुआ_नवाबगंज #उच्च_शिक्षा #सरकारी_कॉलेज #शिक्षा_का_अधिकार #छात्रों_का_भविष्य #जनता_का_सवाल