22/09/2015
ई दिल्ली। रोड एक्सीडेंट पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार ने एक नया प्लान बनाया है। सरकार ने अब टू-व्हीलर यानी बाइक-स्कूटर में भी एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस) जरूरी करने का निर्णय लिया है। सरकार ने इस सिलसिले में एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है, जिस पर स्टेक-होल्डर्स से उनकी राय मांगी गई है, लेकिन सरकार के इस फैसले से ऑटो इंडस्ट्री की चिंता बढ़ सकती है। इंडस्ट्री का मानना है कि एबीएस जरूरी होने के बाद टू-व्हीलर महंगे हो जाएंगे।
कब से होगा लागू
सरकार अपने इस फैसले को लागू करने के लिए सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स में संशोधन करेगी, जिसे 14वें संशोधन के रूप में जाना जाएगा। इस नियम के मुताबिक प्रावधान किया जाएगा कि अप्रैल 2017 के बाद 125 सीसी से कम या अधिक हॉर्स पावर इंजन क्षमता वाले नए टू-व्हीलर मॉडल में एबीएस लगाना अनिवार्य होगा। इसी तरह अप्रैल 2018 के बाद से पुराने मॉडल वाले टू-व्हीलर में भी एबीएस लगाना अनिवार्य हो जाएगा।
5 से 7 हजार रुपये बढ़ सकते हैं दाम
सरकार के इस फैसले से टू-व्हीलर की कीमतों में 5 से 7 हजार रुपए का इजाफा हो सकता है। जानकार बताते हैं कि अभी केवल कमर्शियल व्हीकल में ही एबीएस लगाना अनिवार्य है और जो एबीएस कमर्शियल व्हीकल में लगाया जाता है, उसकी कीमत 30 से 40 हजार रुपये है। ऐसे में, यदि आटो पार्ट्स मैन्युफैक्चरर्स टू-व्हीलर के लिए एबीएस बनाते हैं तो उसकी कीमत 5 से 10 हजार रुपए आएगी, जिसका सीधा सा आशय है कि यदि सरकार ने इस कानून को लागू कर दिया तो नई बाइक महंगी हो जाएगी।
लेकिन एक्सीडेंट में होगी कमी
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि एबीएस क्या है। एबीएस यानी एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम लगे होने के कारण जोर से ब्रेक लगाने पर भी बाइक का टायर फिसलता नहीं है, बल्कि बाइक का बैलेंस बना रहता है। इसके लिए टायर के साथ एक्सल के पास एक सेंसर बेस पार्ट्स लगाया जाता है, जो आरपीएम को सेंसर करता रहता है और तेजी से ब्रेक लगाने पर टायरों का कंट्रोल करता है।