29/11/2023
ओला बनी नंबर 1 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी, लेकिन सर्विस बनी बड़ी चुनौती
ओला इलेक्ट्रिक के देशभर में 400 से ज्यादा सर्विस सेंटर हैं। जहां इलेक्ट्रिक स्कूटरों का रखरखाव और मरम्मत की जाती है। रॉयटर्स ने जुलाई से अक्टूबर के बीच 10 राज्यों के 35 केंद्रों का दौरा किया, जहां 36 ओला सर्विस स्टाफ और 40 ग्राहकों से बात की, तब यह बात सामने आई कि बिक्री बढ़ने के बाद सर्विस कंपनी के लिए काफी तनावपूर्ण है। मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में स्थित ओला केंद्रों में इलेक्ट्रिक स्कूटर के लिए सेवाओं का भारी बैकलॉग है। जहां इनके स्पेयर पार्ट्स की डिमांड नए ई-स्कूटर से भी ज्यादा है। जिसके चलते ग्राहकों को 3 दिन से लेकर 2 हफ्ते तक इंतजार करना पड़ रहा है।
मुंबई क्षेत्र के 14 केंद्रों में से सबसे बड़े ठाणे में एक ओला वर्कशॉप में मरम्मत के लिए 100 से अधिक ई-स्कूटर बाहर कतार में खड़े देखे गए। उनमें से कई कीचड़ भरी जगहों पर खड़े थे। कईयों पर धूल जमा हो रही थी। कई इलेक्ट्रिक स्कूटर तो पक्षियों की बीट से भरे हुए पड़ें थे। ठाणे सर्विस प्रबंधक, देवेन्द्र घुगे ने अक्टूबर के अंत में रॉयटर्स को बताया कि पिछले चार महीनों में केंद्र द्वारा संभाले जाने वाले मामलों की संख्या 200-300 से बढ़कर लगभग 1,000 प्रति माह हो गई है। जिसमें वेटिंग टाइम दो हफ्ते तक बढ़ गया है। जनवरी 2023 में भाविश अग्रवाल ने वादा किया था कि ग्राहक अपने वाहनों को एक सर्विस हब में ला सकेंगे और ज्यादातर मामलों में उसी दिन सर्विस कराने के बाद प्राप्त कर सकेंगे।
ऑटो कंसल्टिंग फर्म JATO डायनेमिक्स के रवि भाटिया ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े दोपहिया बाजार भारत में एक अच्छा सर्विस नेटवर्क महत्वपूर्ण है। भारतीय ग्राहक नई तकनीक से भरपूर ईवी हैं, जो कई पारंपरिक स्कूटरों और मोटरबाइकों की तुलना में धक्कों और झटकों के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकती हैं।
जब ड्राइविंग की बात आती है तो भारतीय परिस्थितियाँ कई चुनौतियों से भरी होती हैं। सड़कों पर लाखों दोपहिया वाहन चलते हैं जो अक्सर भीड़भाड़ वाली और गड्ढों से भरी होती हैं। रवि भाटिया ने कहा कि ओला को तेज सर्विस के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की जरूरत है, अन्यथा उनके द्वारा कही गई बातें उन्हें ही हमेशा परेशान करती रहेंगी।
रवि भाटिया का कहना है कि भारत में बिकने वाले सभी नए स्कूटर और मोटरबाइक 2025 के अंत तक इलेक्ट्रिक हो सकते हैं, जो कि 2030 तक बेचे जाने वाले 70% नए दोपहिया वाहनों के सरकार के लक्ष्य से काफी आगे है।
ओला के पहले इलेक्ट्रिक स्कूटर के लॉन्च होने के दो साल बाद स्टार्टअप ने वॉल्यूम के हिसाब से लगभग एक तिहाई बिक्री के साथ खुद को भारत के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में लीडिंग प्लेयर के तौर पर खुद को स्थापित किया है। इतना ही नहीं, उसने जापान के सॉफ्टबैंक (9984.T) और सिंगापुर के टेमासेक सहित प्रमुख निवेशकों को आकर्षित किया है। अब कंपनी 700 मिलियन डॉलर के भारतीय आईपीओ के लिए तैयारी कर रही है।
उद्योग के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल की तुलना में मार्च तक ई-स्कूटर की बिक्री लगभग तीन गुना होकर 700,000 से अधिक हो गई है। इसके लिए ओला और हीरो इलेक्ट्रिक और टीवीएस मोटर जैसे प्रतिद्वंद्वियों को भी धन्यवाद दिया गया। फिर भी ये बिक्री भारत में बेचे गए 5.2 मिलियन नए स्कूटरों और 10.2 मिलियन मोटरबाइकों का एक छोटा सा हिस्सा है। जहां हम ईवी अपनाने के मामले में अमेरिका और चीन जैसे देशों से काफी पीछे हैं। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अभी भी प्रारंभिक अवस्था में है।