06/03/2022
बेटी वालो बिदाई पे -: देख भाई मेरे पास बस 51 हजार की गुंजाइश है हीन सू आगे ना होवे
बिरादरी + चौधरी + सरपंच + समाजसेवी -: देख भाई 51 की तो आजकल कोई मिठाई भी ना भिजवा वे इन हमारी शर्म करके 1 लाख 21 हजार तो कर ही दे
बेटी वालो अपना छोरा सू कहवे -: बेटा देख ये सब नू कहे रहा हां इन 121 कर दे
बेटा -: इनका घर सूं कहां जारों है इनपे कहा जोर पडरो है बाप इनसू कहे दे ज्यादा टर टर तो ना करें अपने चुपचाप बिदा कर दिया तो ठीक है नहीं मैं कर दूगो बारात भी बिदा और इन चौधरी ने भी
बेटी वालो -: फिर जावे बिचारो बिरादरी वाला न के पिए देख भाई मेरो छोरो धार धार नाटरो है हीन सू आगे गुंजाइश ना है हमपे इतना में ही बिदा कर दियो
बिरादरी -: बा हमपे ना होवे बिदाई विदाई हम तो अपना अपना घर कू जारा करा तो कर दे नहीं छोड़ तलड अपना छोरा है बुला ले तम दोनों बाप बेटा कर दियो बिरादरी की ही ना मानरे तम तो
बेटी वालो - फिर जावे बेटा के पिए लाला बात मान लें मेरी नाक कट जाएंगी बिरादरी के आगे ऐसे कर वा टूंडल चाचा सू 70 हजार बि्याजो लिया और वालू अबके सिरसू उठेंगी जब दे देगा
अब बताओ यामे गलती कौन की है 🤔🤔
कलम से लिखी हुई सची घटना दहेज की है।
आपका अपना भाई,Er. Wakeel khan Tundlaka✍✍✍✍✍