12/06/2017
दोपहिया वाहनों की सही रख रखाव के लिए महत्वपूर्ण सुझाव एवं परामर्श
1. प्रत्येक 1000 KM पर चैन को एडजस्ट और लुब्रिकेट अवश्य करवाएं
2. प्रत्येक 1000 KM पर ब्रेक्स और ब्रेक आयल की जाँच करवाएं
3. प्रत्येक 1000 KM पर क्लच केबल की जाँच और एडजस्टमेंट कराएँ
4. प्रत्येक २ माह पर बैटरी का वाटर लेवल चेक करें
5. प्रत्येक 2500 KM पर बाइक के इंजन आयल को अवश्य बदलवाएं
6. प्रत्येक 2500 KM पर बाइक के एयर फ़िल्टर, एवं आयल फ़िल्टर को साफ़ करवाएं एवं प्रत्येक 5000 KM पर आवश्यकतानुसार बदलवाएं
7. प्रत्येक 2500 KM पर ब्रेक आयल को टॉप- अप करवाएं
8. प्रत्येक 4000 KM पर स्पार्क प्लग साफ़ करवाएं एवं 10000 KM के पश्चात् आवश्यकतानुसार बदलवाएं
9. ड्राइव बेल्ट हर 10000 KM चलाने पर आवश्यकतानुसार बदलवाएं
10. प्रत्येक 12000 KM पर बाइक के शाकर/सस्पेंशन आयल को चेंज कराएँ
11. हर 10000 KM पर क्लच प्लेट की जाँच करवाए एवं आवश्यकतानुसार बदलवाएं
12. हर 10000 KM पर चैन स्प्रोकेट की जाँच करवाए एवं आवश्यकतानुसार बदलवाएं
13. ब्रेक सही न लगने की स्थिति में ब्रेक शू एवं ब्रेक पैड की जाँच करवाये एवं आवश्यकतानुसार बदलवाएं
14. बाइक को हमेशा छायादार जगहों पर पार्क करें ताकि पेट्रोल एवं कलर/पेंट फेड होने से रोका जा सके !
15. बाइक में पेट्रोल हमेशा सुबह या शाम को ही भरवाएं , पेट्रोल पूरी मात्र में आएगा !
16. बाइक को हमेशा सही गियर में चलायें क्यूंकि इससे आपकी बाइक के मइलेज पर फर्क पड़ता है
17. बाइक चलाते समय बार बार ब्रेक नहीं लगाएं, ऐसा करने से उसका माईलेज कम होता है , स्पीड कम करनी हो तो जोर से बार बार ब्रेक लगाने की बजाये उसका एक्सेलरेशन कम करें
18. बाइक के इंजन की ट्यूनिंग हमेशा विश्वसनीय मैकेनिक से ही करवाएं, कई बार मैकेनिक परर्फोर्मंस दिखाने के चक्कर में इंजन के कारबोरेटर की ट्यूनिंग ज्यादा कर देते है.जिससे इंजन में पेट्रोल की खपत ज्यादा होती है
19. चैन ढीली होने पर इंजन का पॉवर टायरों तक पूरी छमता से नहीं पहुँच पाता जिसके चलते बाइक का माइलेज कम हो जाता है .
20. टायरों में एयर प्रेशर का बाइक के माइलेज पर बहुत फर्क पड़ता है और यह 10 से 15 % तक कम हो सकता है . इसलिए टायरों में प्रेशर उचित रखें !
21. बाइक का माइलेज सही पाने के लिए उसको सामान्य तौर पर 40 – 50 तक की स्पीड पर चलाये
22. बाइक की स्पीड झटके से कभी न बढाये और नहीं गियर को अचानक या तेजी से बदले, इससे इंजन और माइलेज दोनों प्रभावित होते हैं. गियर बदलते समय बारी बारी से 1 से 4 तक या 4 से 1 तक गियर को ले आयें